जालंधर लोकसभा उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं. इसमें आम आदमी पार्टी से सुशील रिंकू जीत गए हैं. बता दें कि कांग्रेस विधायक संतोष सिंह चौधरी की मृत्यु के बाद यह सीट खाली थी. इस उपचुनाव में कांग्रेस ने करमजीत कौर मैदान में उतारा था. चुनाव परिणाम आने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. वहीं यह सीट आम आदमी पार्टी की झोली में चली गई है. आइए जानते हैं कि आम आदमी को चुनाव में जीत की अहम वजह.
आमआदमी पार्टी ने 2022 में पंजाब विधानसभा का चुनाव जीता था. ऐसे में जनता पार्टी का प्रदर्शन देखना चाहती है. आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने मिलकर यहां जोर-शोर के प्रचार किया. साथ उन्होंने जनता से अपील की कि उनकी सरकार को पंजाब में अभी महज एक साल ही हुआ है. ऐसे में अलगे लोकसभा चुनाव से पहले 11 महीने का समय और दिया जाना चाहिए. जिसका फायदा आप को हुआ है.
भावनात्मक कार्ड
चुनावी वादाओं को करने में भी आम आदमी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ी. केजरीवाल ने यहां भावनात्मक कार्ड खेलते हुए जनता से कहा कि अगर उनका उम्मीदवार जीतता है तो वे लोकसभा में पार्टी के पहले सांसद होंगे. इस पर लोगों में भावनात्मक जुड़ाव हो गया. नतीजा यह हुआ कि आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल कर ली.
जीरो बिजली बिल का वादा
उपचुनाव के दौरान मुफ्त बिजली और इलाज का वादा किया. इसके साथ ही पूर्व में किए गए अपनी पहलों का भी जिक्र किया गया. सरकार के फ्री बिजली वाली स्कीम से जनता खुश हो गई. परिणामस्वरूप आप को यहां जीत हासिल हुई.
विकास की गंगा का जिक्र
बता दें कि जालंधर में लगभग 42 फीसदी आबादी दलित समुदाय की है. आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुशील रिंकू का दलितों के बीच अच्छी पकड़ है. इसके अलावा चुनाव के दौरान केजरीवाल ने संकेत दिया कि अगर उनका उम्मीदवार जीतता है तो जालंधर में विकास की गंगा बहेगी, वरना सिर्फ तू-तू मैं-मैं ही होगा.ए आम आदमी पार्टी को उपचुनाव में जीत हासिल हुई है.