लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी के नतीजे कुछ खास नहीं रहे. जिसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी समीक्षा के लिए एक कोर कमेटी का गठन किया. जिसकी बैठक लखनऊ में आयोजित की गई. इस बैठक में उन सभी सीटों पर चर्चा की गई जहां से बीजेपी को हार मिली. स्पेशल टीम द्वारा बनाई गई समीक्षा रिपोर्ट को बीजेपी की कोर कमेटी बैठक में शामिल किया गया जिसमें कुछ पॉइंट्स को हाईलाइट किया गया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्यूरोक्रेट्स का जनता और कार्यकर्ताओं के साथ किए गए बुरे बर्ताव का जिक्र किया गया है इतना ही नहीं रिपोर्ट में अफसर के भीतरघात के बारे में भी बताया गया है. लोकसभा चुनाव में यूपी में मिली हार की समीक्षा कर रही बीजेपी की स्पेशल टीम ने पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें हार के सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई है.
विधानसभा में विधायकों का एक्टिव ना रहना भी लोकसभा की हार का एक विषय माना जाता है. इतना ही नहीं कुछ विधानसभा क्षेत्रों में अपने लोकसभा प्रत्याशी को सपोर्ट ना करना भी हार का एक कारण बना. भाजपा की ऐसी सीटों पर भीतरघात से नुकसान हुआ है. इसका एक और मुद्दा बना विपक्ष का संविधान को लेकर जनता को एकजुट करना. माना जा रहा है कि संविधान के मुद्दे पर कई वर्ग अलग-अलग गुटों में बट गया. ओबीसी और शेड्यूल कास्ट के वोटर अलग-अलग हो गए. जिससे भाजपा को यूपी की कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.
माना जा रहा है कि भाजपा के पक्ष में कम वोट पडना भाजपा कार्यकर्ताओं, अधिकारियों और जनता की जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी का होना भी है. रिपोर्ट में कहा गया कि बीजेपी की तमाम कोशिशों के बाद भी ओबीसी वोट बैंक का बिखरना रोक ना जा सका.